कोशिका-Cell

मानव कोशिका

कोशिका Cell :-
अध्यन :- साइटोलोजी( CYTOLOGY)
खोज :- रोवट हॉंक (1665 ई.)
जीवित किशिका की खोज :- एन्टोनी वोन ल्युवेंन हॉंक
सबसे छोटी कोशिका :- माइक्रोप्लाज्मा (PPLO)
सबसे बड़ी कोशिका :- सुतुर्मुग के अंडे की
मानव में सबसे लम्बी कोशिका :- तंत्रिका तंत्र (BRAIN :- स्नायु )
मानव में सवसे छिटी कोशिका :- शुक्राणु
मानव में सबसे बड़ी कोशिका :- महिला का अंडाणु

क्रमशः
कोशिका -ऊतक -अंग -शरीर

कोशिका भित्ति :-
*यह सेलुलोज की बनी होती है
*यह केवल पादप में पायी जाती है
कार्य:- पेड़ – पोधो की आकर एवं सुरक्षा प्रदान करती है


कोशिका झिल्ली :-
*ये जन्तु और पादप दोनों में पाया जाता है
*अन्य नाम :- प्लाज्मा झिल्ली
बनी होती है :- प्रोटीन और लिपिड
कार्य :- यह कोशिका के अन्दर जाने वाले पदार्थो का नियन्त्रण करता है
ये अर्द्ध्परागम्य होती है


लाइसोसोम :-
खोज :- डी डूबे
जब कोई कोशिका कार्य नही करती है तो यह फट जाती है इस में इसे एंजाइम होते है जो अपनी ही कोशिका को पचा जाते है जिसे कोशिका की म्रत्यु हो जाती है अत: इस लिए इसे कोशिका की आत्मह्त्या की थेली कहते है
कार्य :- यह कोशिका के अन्दर पाचन का कार्य करता है
पशुओ में पाया जाता है


केन्द्रक (NUCLEOUS)
खोज :- रोबोट ब्राउन
कार्य :- कोशिका की नियन्त्रण करता है अत: इसे किशिका का दिमाग कहते है
इसमें 80%प्रोटीन तथा 10% DNA पाया जाता है

गोल्जी बोडी :-
खोज :- कैमीलो गोल्जी
कार्य :- पदार्थ का परिवहन करना
इसे परिवहन मंत्री भी कहा जाता है


सेंट्रओसोम(तारक्क्य) :-
खोज :- बोबेरी
कार्य :- ये कोशिका विभाजन करता है यह मष्तिक्स में नही पे जाता है जिस कर्ण तंत्रिका किशिका में विभाजन नही होता है
यह केवल जन्तुओ में पाया जात है
तंत्रिका कोशिका में किसी भी प्रकार का विभाजन नही होता है अत:यह क्षतिग्रस्त कोशिका को ठीक नही क्र सकता! इसी कर्ण सर में चोट लगने से शीघ्र म्रत्यु हो जाती है
सबसे तेजी से कोशिका विभाजन लीवर (जिगर/यकरत ) में होता है यह अपनी क्षतिग्रस्त कोशिका की स्वत:ही ठीक कर सकता है


जीव द्रव्य (PROTOPLASM) :-
खोज :- पुरकिन्स /कुर्किन्जे (1837
यह एक तरल गाड़ा पदार्थ होता है इसे जीवन का आधार कहते है सभी जैविक किरये इसे द्रव के अन्दर होती है
इसका 80%भाग जल का बना होता है
प्रकार :- 1. कोशिका द्रव 2. केंदिका द्रव
कोशिका द्रव कोशिका की सुकने से बचाता है

रसधानी(VACUALES) :
कार्य :- यह जल को सिचित करके रखता है
यह ज्न्तुओ में छोटा किन्तु पादपो में बहुत बड़ा होता है।

(लेखक जावेद अली)

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