तरंग एवं उनके प्रकार Physics

तरंग(wave) : तरंग के द्वारा ऊर्जा का एक स्थान से दूसरे स्थान तक स्थानान्तरण होता है। तरंगों को मुख्यतः दो भागों में बाटा जा सकता है – यान्त्रिक तरंग व विधुत चुम्बकीय तरंग।
(¡) यान्त्रिक तरंग : ऐसी तरंगे जो किसी पदार्थिक माध्यम (ठोस, द्रव अथवा गैस) में संचारित होती है, यान्त्रिक तरंगे कहलाती है। यान्त्रिक तरंगों का मुख्यतः दो भागों में बाटा गया है – (a) अनुदैधर्य तरंग एवं (b) अनुप्रस्थ तरंग।
विधुत-चुम्बकीय तरंग: ऐसी तरंगें जिनके संचरण के लिए किसी माध्यम की आवश्यकता नहीं होती। प्रकाश एवं ऊष्मा विधुत-चुम्बकीय तरंगों के उदाहरण है।
ध्वनि तरंग (Sound wave): ध्वनि एक स्थान से दूसरे स्थान तक तरंगों के रूप में गमन करती है। ध्वनि तरंगे अनुदैधर्य यान्त्रिक तरंगें होती है।
श्रव्य तरंगे (Audible wave): 20Hz से 20000Hz के बीच की आवर्ति वाली तरंगों को श्रव्य तरंग कहते हैं। इन तरंगों को अपने कानों के द्वारा सुना जा सकता है।
अवश्रव्य तरंगे (Infrasonic Waves): 20Hz से नीचे की आवर्ति वाली ध्वनि तरंगों को अवश्रव्य तरंगे कहते हैं। इन्हें हमारे कान नही सुन सकते हैं।
पराश्रव्य तरंगे (Ultrasonic Waves) : 20,000Hz से ऊपर की तरंगों को पराश्रव्य तरंगे कहा जाता है। मनुष्य के कान इसे नही सुन सकते हैं। परंतु कुछ जानवर, जैसे – कुत्ता, बिल्ली, चमगादड़, आदि इसे सुन सकते हैं।