नाटो-NATO

NATO

नाटो-NATO

  • यह सामूहिक सुरक्षा कि एक प्रणाली का गठन करता हे, जिसके तहत इसके स्वतंत्र सदस्य राज्य किसी भी बाहरी पार्टी के हमले के जवाब में आपसी रक्षा के लिए सहमत होते हे|
  • स्थपना – 4 अप्रेल 1949ई.
  • मुख्यालय – ब्रुसेल्स, बेल्जियम  
  • प्रकार – सैन्य गठ्बन्धन
  • सदस्य देश 30
  • 2020 का सदस्य देश उत्तर मेसेडोनिया
  • नाटो सैन्य समिति के अध्यक्ष- एडमिलररॉब बाउर, रोयल नीदरलैंड नेवी
  • महासचिव – जेन्स स्टॉलटेनबर्ग
  • राजभाषा – अग्रेजी,फ्रेंच

नाटो की संरचना

  1. परिषद
  2. उप-परिषद
  3. प्रतिरक्षा समिति
  4. सैनिक समिति
  5. यह नाटो का सर्वोच्च अंग हे| इसका निर्माण राज्य के मंत्रियों से होता हे| इसकी मंत्रीस्तरीय बैठक वर्ष में एक बार होती हे| परिषद का मुख्य उत्तरायित्व समझोते कि धाराओ को लागु करना हे|
  6. उप-परिषद- यह परिषदनाटो के सदस्य देशो द्वारा नियुक्त कूटनीति प्रतिनिधियों की परिषद हे| ये नाटो के संगठन से सम्बन्ध सामान्य हितो वाले विषयों पर विचार करते हे|
  7. प्रतिरक्षा समिति- इसमें नाटो के सदस्य देशो के प्रतिरक्षा मंत्री शामिल होते हे| इसका मुख्य कार्य प्रतिरक्षा,रणनीति तथा नाटो एवं गैर नाटो देशो में सैन्य सम्बन्धी विषयों पर विचार विमर्श करना हे|
  8. सैनिक समितिइसका मुख्य कार्य नाटो परिषद एवं उसकी प्रतिरक्षा समिति को सलाह देना हे| इसमें सदस्य देशो के सेनाध्यक्ष शामिल होते हे|

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