बिलग्राम या कन्नौज का युद्ध

बिलग्राम या कन्नौज का युद्ध 17 मई 1540 ई० में शेरशाह और हुमायूँ के बीच हुआ | इस युद्ध में हुमायूँ पराजित हुआ | शेरशाह ने आसानी से दिल्ली और आगरा पर कब्जा क्र लिया | बिलग्राम युद्ध के बाद हुमायूँ सिंध चले गए , जहा उन्होंने 15 वर्ष तक घुमक्कड़ो जेसा निर्वासित जीवन व्यतीत किया |निर्वासन के समय हुमायूँ ने हिंदाल के अध्यात्मिक गुरु फारसवासी शिया मीर बाबा दोस्त उर्फ़ मीर अली अकबर जामी की पुत्री हमीदा बानू बेगम से 29 अगस्त 1541ई० को निकाह कर लिया | कालान्तर में हमीदा से ही अकबर जेसे महान सम्राट का जन्म हुआ |