भारतीय संविधान की अनुसूचियां-anusuchiya

भारतीय संविधान में 12 अनुसूचियां है जो इस प्रकार है
पहली अनुसूची : इसमें भारतीय संघ के घटक राज्यों एवं संघ शासित क्षेत्रों का उल्लेख है।
अनुच्छेद 1 से 4 तक
नोट : संविधान के 69 वे संशोधन के द्वारा दिल्ली को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का दर्जा दिया गया है।
दूसरी अनुसूची : इसमें भारतीय राज व्यवस्था के विभिन्न पदाधिकारीयो के वेतन भत्ते पेंशन आदि का उल्लेख
1. भारत के राष्ट्रपति
2. राज्यों के राज्यपाल
3. लोकसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष
4. राज्यसभा के सभापति और उपसभापति
5. राज्य विधंसभाओ के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष
6. राज्य विधान परिषदों के सभापति और उपसभापति
7. सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश
8. उच्च न्यायालयो के न्यायाधीश
9. भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक
अनुच्छेद 59, 65, 75, 97, 125, 148, 158, 164, 186, एवं 221
तीसरी अनुसूची : इसमें विभिन्न उम्मीवारों द्वारा ली जाने वाली शपथ या प्रतिज्ञान के प्रारूप दिए गए हैं।
1. संघ के मंत्री
2. संसद के लिए निर्वाचन हेतु अभ्यर्थी
3. संसद के सदस्य
4. सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश
5. भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक
6. राज्य मंत्री
7. राज्य विधानमण्डल के लिए निर्वाचन के लिए अभ्यर्थी
8. राज्य विधानमण्डल के सदस्य
9. उच्च न्यायालयो के न्यायाधीश
अनुच्छेद 75, 84, 99, 124, 146, 173, 188, एवं 219
चौथी अनुसूची : राज्यों औऱ केंद्र शासित प्रदेशों के लिए राज्सभा में सीटों का आबंटन
अनुच्छेद 4 एवं 80
पाँचवी अनुसूची : इसमे विभिन्न अनुसूचित क्षेत्रों औऱ अनुसूचित जनजाति के प्रशासन और नियंत्रण के बारे में प्रावधान है।
अनुच्छेद 244
छठी अनुसूची : इसमें असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम राज्यों के जनजाति क्षेत्रों के प्रशासन के बारे मे प्रावधान है।
अनुच्छेद 244 एवं 275
सातवीं अनुसूची : इसमे केंद्र एवं राज्यों के बीच शक्तियों के बटवारे के बारे मे दिया गया है। इसके अंतर्गत तीन सूचियां है – संघ सूची, राज्य सूची, समवर्ती सूची।
(¡) संघ सूची : इस सूची में दिए गए विषय पर केंद्र सरकार कानून बनाती है। संविधान के लागु होने के समय इसमे 97 विषय थे, वर्तमान समय में इसमे 100 विषय हैं।


(¡¡) राज्य सूची : इस सूची में दिए गए विषय पर राज्य सरकार कानून बनाती है। राष्ट्रीय हित से सम्बंधित होने पर केंद्र सरकार भी कानून बना सकती है। संविधान के लागू होने के समय इसके अंतर्गत 66 विषय थे, वर्तमान में इसमे 61 विषय है।
(¡¡¡) समवर्ती सूची: इसके अंतर्गत दिए गए विषय पर केंद्र एवं राज्य दोनों सरकारे कानून बना सकती है। परंतु कानून के विषय समान होने पर केंद्र सरकार द्वारा बनाया गया कानून ही मान्य होता है। राज्य सरकार द्वारा बनाया गया कानून केंद्र सरकार के कानून बनाने के साथ ही समाप्त हो जाता है। संविधान के लागू होने के समय समवर्ती सूची में 47 विषय थे, वर्तमान में इसमे 52 विषय है।
अनुच्छेद 246
आठवीं अनुसूची : इसमे भारत की 22 भाषाओं का उल्लेख किया गया है। मूल रूप से आठवीं अनुसूची में 14 भाषाए थी , 1967 ई o में सिंधी को और 1992 में कोंकणी, मणिपुरी, नेपाली और 2004 मे मैथिली, संथाली, डोंगरी एवं बोड़ो को आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया।
अनुच्छेद 344 एवं 352
नवी अनुसूची : भू – सुधारों और ज़मीदारी प्रणाली के उन्मूलन से सम्बंधित राज्य विधानमण्डलों और विनियम। वर्ष 2007 में उच्चतम न्यायालय ने निर्णय दिया कि इस अनुसूची में 24 अप्रैल, 1975 के बाद सम्मिलित कानूनो की न्यायिक समीक्षा की जस सकती है।
अनुच्छेद 31 ख
दसवीं अनुसूची : दल – बदल से सम्बंधित प्रावधानों का उल्लेख है। इसे संविधान में 52 वे संसोधन 1985 के द्वारा जोड़ी गई है।
अनुच्छेद 102 एवं 191
ग्यारहवीं अनुसूची : पंचायत की शक्तियां, प्राधिकार एवं जिम्मेदारीया। इसमें 29 विषय है। इसे 73वे संविधान संशोधन अधिनियम, 1993 द्वारा जोड़ा गया।
अनुच्छेद 243 छ
बारहवीं अनुसूची : यह अनुसूची संविधान में 74वे संवेधानिक संशोधन 1993 के द्वारा जोड़ी गई है। इसमें शहरी क्षेत्र की स्थानीय स्वशासन संस्थाओं को कार्य करने के लिए 18 विषय प्रदान किए गए हैं।
अनुच्छेद 243 ब

राजव्यवस्था के हाथ से लिखें नोट्स डाउनलोड करने के लिए Download पर क्लिक करें

Download click here