भारत का राष्ट्रपति-President of India

भारत का राष्ट्रपति देश की संघीय कार्यपालिका का सर्वोच्च वैधानिक प्रधान होता है। संविधान के अनुच्छेद 52 के अनुसार भारत का एक राष्ट्रपति होगा व संविधान के अनुच्छेद 53 के अनुसार संघ की कार्यपालिका शक्ति राष्ट्रपति में निहित होगा तथा वह इसका प्रयोग संविधान के अनुसार स्वंय या अपने अधीनस्थ पदाधिकारीयो द्वारा करेगा।
प्रथम राष्ट्रपति श्री डॉ राजेंद्र प्रसाद – 26 मई 1950 से 13 मई 1962 तक


वर्तमान राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद – 25 जुलाई 2017 से आज तक
देश का वैधानिक प्रधान होते हुए भी भारत के राष्ट्रपति को कुछ महत्वपूर्ण अधिकार प्राप्त है।

भारत के राष्ट्रपति पद के लिए निम्नलिखित योग्यताएं निर्धारित की गई है –

1. वह भारत का नागरिक हो।
2. वह 35 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुका हो।
3. वह लोकसभा का सदस्य होने की योग्यता रखता हो।
4. कोई व्यक्ति, जो भारत सरकार अथवा किसी राज्य सरकार के अधीन कोई लाभ का पद ग्रहण किए हुए हैं, राष्ट्रपति निर्वाचित होने का अधिकारी नही होगा।
5. राष्ट्रपति संसद या राज्य विधानमण्डल के किसी सदन का सदस्य नही हो सकता। यदि वह किसी सदन का सदस्य हैं, तो राष्ट्रपति पद के लिए निर्धारित निर्वाचन की तिथि से उसका स्थान रिक्त समझा जाएगा।
6. राष्ट्रपति अपने कार्यकाल में कोई अन्य वैधानिक पद ग्रहण नही कर सकता।
भारत के राष्ट्रपति का निर्वाचन संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्यों तथा समस्त विधानसभाओ के निर्वाचित सदस्यों द्वारा होता है। संविधान के अनुच्छेद 54 के अनुसार राष्टपति का निर्वाचन एक निर्वाचक-मण्डल के सदस्य करते हैं। इस निर्वाचक-मण्डल में (अ ) संसद के दोनों सदनों (उच्च एव निम्न ) के निर्वाचित सदस्य एवं ( ब ) सभी राज्यों की विधंसभाओ के निर्वाचित सदस्य होते है। राष्ट्रपति के निर्वाचन के लिए एक विशेष पद्वति को अपनाया गया है, जो मौलिक हैं और अन्य संविधान से भिन्न है। राष्ट्रपति का निर्वाचन अनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के आधार पर एकल संक्रमणय मत पद्वति से तथा गुप्त मतदान द्वारा होता है।