मुहावरे के अर्थ वाक्य और विशेषताएं-Hindi Muhavare

मुहाबरे -जो वाक्यांश सामान्य अर्थ के स्थान पर विलक्षण अर्थ प्रकट करते हैं, उसे मुहाबरे कहते हैं मुहाबरो के प्रयोग से भाषा में सरलता, सरसता तथा चमत्कार उत्पन्न होता हैं।

प्रमुख मुहाबरे : अर्थ और प्रयोग

1.अपने मुंह मियाँ मिट्ठू बनना
अर्थ-अपनी प्रशंसा स्वंय करना।
वाक्य प्रयोग-अपने मुंह मियाँ मिट्ठू बनने वाले व्यक्ति का सम्मान नहीं होता।
2.अपना उल्लू सीधा करना
अर्थ-अपना मतलब निकलना
वाक्य प्रयोग-आजकल के नेता अपना उल्लू सीधा करने मे लगें हुए हैं
3. अपना सा मुँह लेकर रह जाना
अर्थ-कार्य में असफल होने पर लज्जा का अनुभव
वाक्य प्रयोग- जब विकास आकाश के भड़कावे में न आया, तो वह अपना सा मुँह लेकर रह गया
4. आँखों का तारा
अर्थ- अत्यधिक प्रिय।
वाक्य प्रयोग-हुमायूँ माता पिता की आँखों का तारा है।
5. आँखे दिखाना
अर्थ-क्रोध करना
वाक्य प्रयोग- एक तो टक्कर मार दी ऊप्पर से आँखे दिखा रहा हो
6.आस्तीन का साँप
अर्थ-कपटी मित्र।
वाक्य प्रयोग- रवि अकेला तुम्हारे लिए आस्तीन का साँप बना हुआ है। हर जगह तुम्हारी निंदा करता है।
7. आग में घी डालना
अर्थ-क्रोध को भड़काना
वाक्य प्रयोग- माँ बेटे में झंगड़ा हो रहा था, बहु माँ की कमियां गिनाकर और आग में घी डाल दिया।
8.ईट का जबाब पत्थर से देना
अर्थ-दुष्ट की दुष्टता से बढ़कर दुष्टता करना।
वाक्य प्रयोग-कारगिल युद्ध में भरतीय सेना ने ईट का जबाब पत्थर से दिया।
9.कलेजे पर साँप लोटना
अर्थ- ईर्ष्या करना
वाक्य प्रयोग- अनिल का उच्च पद पर चयन हो जाने पर विकास के कलेजे पर साँप लोट
10.कान भरना
अर्थ- चुगली करना
वाक्य प्रयोग- चापलुस लोग किसी न किसी के विरुद्ध अधिकारियों के कान भरते रहते हैं।
11.कोल्हू का बैल
अर्थ-दिन रात काम में जुटे रहना।
वाक्य प्रयोग-मोहन दिन रात कोल्हू के बैल की तरह काम मे जुटा रहता है फिर भी उसे समय से परिश्रमिक नही मिलता
12.चिराग तले अंधेरा
अर्थ-सर्वाधिक उपयुक्त स्थान पर किसी गुण का अभाव।
वाक्य प्रयोग- कल रात थाने से पुलिस अधिकारी की गाड़ी चोरी हो गई सच है चिराग तले अंधेरा होता है।
13. छक्के छुड़ाना
अर्थ- बुरी तरह हराना
वाक्य प्रयोग-छत्रपति शिवाजी ने मुगलों के छक्के छुड़ा दिए।
14.जमीन आसमान एक कर देना
अर्थ-प्रयास करने में कोई कसर नही छोड़ना
वाक्य प्रयोग- मैने अपनी अंकतालिका खोजने में जमीन आसमान एक कर दिया।
15.ढाक के तीन पात
अर्थ-सदा एकसा रहना
वाक्य प्रयोग-अनपढ़ को उसके हित की बात समझाना व्यर्थ है, क्योंकि वह तो वही ढाक के तीन पात है।