राष्ट्रपति की वीटो शक्तियां

भारत के राष्ट्रपति को तीन प्रकार की वीटो शक्ति प्राप्त है
1. निरपेक्ष वीटो (Absolute veto) : – इस वीटो शक्ति के अंतर्गत राष्ट्रपति किसी विधेयक पर अपनी अनुमति नहीं देता है, अर्थात: वह अपनी अनुमति को सुरक्षित रख सकता है।
2. निलम्बनकारी वीटो (Suspension beti) :- इस वीटो शक्ति के अंतर्गत राष्ट्रपति किसी विधेयक को संसद के पास पुर्नविचार हेतु भेज सकता है।
3. जीबो वीटो (Pocket veto):- इस वीटो शक्ति के अंतर्गत राष्ट्रपति किसी विधेयक को अनिश्चित काल के लिए अपने पास सुरक्षित रख सकता है अर्थात इस वीटो शक्ति के प्रयोग द्वारा राष्ट्रपति किसी विधेयक पर न तो अनुमति देता है, न ही अनुमति देने से इनकार करता है औऱ न ही पुर्नविचार हेतु संसद के पास भेजता है।
●जिसे पॉकेट वीटो कहते है।
● विवादास्पद भारतीय डाक ( संशोधन ) विधेयक, 1986 के सम्बंध में तत्कालीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह द्वारा जेबी वीटो का प्रयोग किया गया।
● भारत में किसी राष्ट्रपति द्वारा जेबी वीटो का यह प्रथम प्रयोग था।