सरदार वल्लभ भाई पटेल जीवनी

नाम = बल्लभ भाई पटेल
जन्म = 31 अक्टूबर 1875 नडियाद (गुजरात)
म्रत्यु = 15 दिसम्बर 1950 बॉम्बे
पिता = झावर भाई
माता = लाड़बाई
पत्नी = झावेरवाई
बल्लभ भाई पटेल एक भारतीय राजनीतिज्ञ थे। उन्होंने भारत के पहले उप-प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया वे एक भारतीय अधिवक्ता और राजनेता थे। जो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता और भारतीय गणराज्य के सस्थापक पिता थे, जिन्होंने स्वतंत्रता के लिए देश के संघर्ष में अग्रणी भूमिका निभाई और एक एकीकृत, स्वतंत्र राष्ट्र में अपने एकीकरण का मार्गदर्शन किया।
सरदार बल्लभ भाई पटेल एक कृषक परिवार से थे। इनके कुछ लक्ष्य थे जैसे खूब पढ़ना और खूब कमाके परिवार का अच्छे से पालन पोषण करना मगर भाग्य को कुछ ओर ही मंजूर था। इन्होंने 22 वर्ष की आयु में मैट्रिक की पढ़ाई पूरी की और फिर वकालत की पढ़ाई की इन्होंने इग्लैंड जाकर 36महीने की पढ़ाई को 30 महीने में पूरा किया और कॉलेज में टॉप किया इसके बाद स्वदेश लौटकर अहमदाबाद में एक सफल और प्रसिद्ध वेरिस्टर के रूप में कार्य करने लगे।
पटेल साहब महात्मा गांधी जी के विचारों से प्रेरित होकर गांधी जी के साथ अनेकों आंदोलन में भाग लिया।


जब देश 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ तब देश अनेक रियासत में बिखरा हुआ था भारत को एक सूत्र में जोड़ने का कार्य सरदार पटेल जी ने किया जिसमें जम्मू कश्मीर, हैदराबाद, जूनागढ के राजा मानने को तैयार नहीं थे मगर सरदार पटेल जी इतनी आसानी से हारने वाले नही थे उन्होंने साम, दाम दंड भेद ओर अपनी पूरी शक्ति लगा दी नवम्बर 1947 मात्र कुछ ही महीनों में 560 रियासत को एक कर दिया और एक भारत बना दिया तब महात्मा गांधी जी कहा था के ये कार्य कोई और नही केबल सरदार पटेल ही कर सकते थे। वही व्यक्ति लोहा पुरुष, या सरदार के नाम प्रचलित हुए।
सरदार पटेल को 1991 में भारत रत्न से भी नबाजा गया।
स्टेच्यू ऑफ यूनिटी के नाम से स्मारक भरूच (गुजरात) के पास नर्मदा जिले में है जिसकी नीव 2013 में रखी गई थी और इसको पूरा करके इसका शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 31 अक्टूबर 2018 को किया था।
जिस काम में मुसीबत होती है उसे ही करने में मजा है, जो मुसीबत से डरते हैं, बे योद्धा नही हम मुसीबत से नही डरते।(सरदार पटेल)

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