सुरक्षित मातृत्व आश्वासन (सुमन) योजना

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 10 अक्टूबर 2019 को सुरक्षित मातृत्व आश्वासन योजना का शुभारंभ किया गया। इस योजना की घोषणा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की केंद्रीय परिषद के 13वे सम्मेलन के दौरान की गई।

उद्देश्य

सुमन योजना का उद्देश्य अस्पताल में मातृ एवं शिशु मृत्यु की रोकथाम, भुगतान रहित तथा सम्मानजनक और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करना है। इस योजना के तहत देश की सभी गर्भवती महिलाओं की वर्ष में चार बार चिकित्सीय जांच जिला अस्पतालों अथवा तहसील या ग्राम स्तर पर की जाएगी।

यह सभी जांच प्रति तिमाही आधार पर होंगी जिसके पश्चात 100% सुरक्षितप्रसव सुनिश्चित कराया जाएगा इस योजना के तहत नॉर्मल डिलीवरी को वरीयता दी जाएगी तथा ऑपरेशन का पूरा खर्च भी सरकार के द्वारा बहन किया जाएगा।

योजना के लाभ

■प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व आश्वासन योजना के जरिए 100% सुरक्षित प्रसव करना अब भारत सरकार की जिम्मेदारी होगी।

◆भारत में सुरक्षित प्रसव का लक्ष्य 80% से बढ़कर 100% हो जाएगा।

◆प्रसवसे पहले जितने भी चिकित्सीय परीक्षण अस्पताल में होंगे वह सभी मुफ्त में किए जाएंगे यहां तक कि सारी जांचें भी फ्री में ही कराई जाएंगी।

◆चुकी  अब गर्भवती महिलाओं का प्रसव पूर्व जांच अनिवार्य कर दी गई है इसकी वजह से गर्भ में पल रहे बच्चे की सेहत व सही स्थिति की जानकारी मिलती रहेगी।

◆प्रधानमंत्री सुरक्षित मात्रा आश्वासन योजना के तहत सुरक्षित प्रसव की गारंटी महिला को सरकार की ओर से ही दी जाएगी।

◆प्रसव ऑपरेशन से होने पर गर्भवती महिला तथा उसके परिवार से किसी भी मद में पैसा नहीं लिया जा सकेगा।

◆प्रसव होने के 6 माह तक की सभी दवाइयां सरकार की ओर से मुफ्त में प्रदान की जाएंगी।

◆सुरक्षित मात्र आश्वासन सुमन योजना का लाभ भारत और शिशु दोनों को प्राप्त होगा।

◆टिटनेस डिप्थीरिया टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

◆आयरन फोलिक एसिड सप्लीमेंट की सुविधा भी दी जाएगी।

◆नवजात बच्चे के किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त होने की स्थिति में उसके इलाज का पूरा खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।

◆गर्भावस्था के दौरान जटिलताओं के कारण C सेक्शन की निशुल्क सुविधा।

◆कम से कम चार प्रसव पूर्व जांच।

◆पहली तिमाही के दौरान एक जांच।

◆गर्भवती महिला को अस्पताल तक पहुंचाने की भी व्यवस्था की गई है इसके तहत 102 और 108 नंबर वाहन की सुविधा दी गई है ताकि आपातकालीन स्थिति में इन वाहनों का उपयोग कर गर्भवती महिला को समय से अस्पताल पहुंचाया जा सके।

◆गर्भवती महिला को एंबुलेंस द्वारा हर कीमत पर पहुंचना अनिवार्य होगा ऐसा नहीं होने पर सरकार एंबुलेंस सर्विस को लेकर जीरो टालरेंस की नीति पर अमल करेगी।

◆इस योजना के लाभ हेतु आधार कार्ड स्थाई प्रमाण पत्र पासपोर्ट साइज फोटो तथा रजिस्टर मोबाइल नंबर महत्वपूर्ण दस्तावेज है।