18वा गुटनिरपेक्ष आंदोलन सम्मेलन

बाकू (अजरबैजान) में 25 – 27 अक्टूबर 2019 के बीच 18 गुटनिरपेक्ष आंदोलन सम्मेलन (NAM)  का आयोजन किया गया इस सम्मेलन में सदस्य देशों ने संयुक्त राष्ट्र (UN) के सिद्धांतों पर आधारित बहूपक्षधारिता (Multilateralism)को मजबूत बनाने पर जोर दिया।

सम्मेलनके अंत में बाकू घोषणा पत्र जारी किया गया जिसमें संयुक्त राष्ट्र महासभा को अधिक सशक्त बनाने तथा उसे अधिक लोकतांत्रिक उत्तरदायी तथाप्रतिनिधित्वपुर्ण बनाने पर जोड़ दिया गया है। इस संस्था को अंतरराष्ट्रीय शांति तथा सुरक्षा के लिए प्रभावी बनाने की वकालत बाकू घोषणा पत्र में की गई है।

नाम शिखर सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन के प्रभाव खासकर विकासशील देशों जहां यह गरीबी और बेरोजगारीनिमंत्रण के लिए हो रहे प्रयासों को प्रभावित कर रहा है पर विशेष चर्चा की गई।18वी गुटनिरपेक्ष आंदोलन शिखर सम्मेलन में 160 देशों तथा अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

भारत तथा नाम सम्मेलन

18 गुटनिरपेक्षआंदोलनसम्मेलनमेंभारतकाप्रतिनिधित्वउपराष्ट्रपतिएवंवेंकैयानायडूनेकिया। उपराष्ट्रपति ने सम्मेलन में अपने अभिभाषण के दौरान पाकिस्तान को आतंकवाद का केंद्र बताया तथा विश्व के देशों से इससे दूर रहने को कहा।

नायडू गुटनिरपेक्ष आंदोलन से जुड़े देशों से आतंकवाद के विरुद्ध जंग में एकजुट होने का आवाहन किया।

भारत में आतंकवाद को अंतरराष्ट्रीय शांति तथा सुरक्षा के लिए ही खतरा नहीं बल्कि गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM) के सिद्धांतों के विरुद्ध बताया है।

क्या है गुट निरपेक्ष आंदोलन?

◆गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM)120 देशों का संगठन है यह संयुक्त राष्ट्र (UN) के बाद सर्वाधिक सदस्यों वाला संगठन है।

◆ 1955 के बांगडुगसम्मेलन के सिद्धांतों के आधार पर वर्ष 1961 में बेलग्रेड में (सर्बिया)गुटनिरपेक्ष आंदोलन की नींव रखी गई।

◆गुटनिरपेक्ष आंदोलन की स्थापना में जवाहरलाल नेहरू (भारत)जोसेफ़ ब्रोज टीटो(तत्कालीन यूगोस्लाविया) तथा मोहम्मद नासिर (मिस्र) का महत्वपूर्ण योगदान रहा।