Month: November 2020

समास

                          समास समास का शाब्दिक अर्थ हें संक्षिप्त या संक्षेप   जेसे – राजपुत्र , देशभक्ति परिभाषा – दो या दो से अधिक शब्दों से मिलकर बे एक नये साथर्क शब्दों को समास कहते हें| समास के 6 प्रकार के होते हें – याद करने की ट्रिक – अब तक दादा (अ)- अव्ययीभाव समास (ब)- …

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तत्पुरुष समास

तत्पुरुष समास – जिस समास में पद चिन्हों का लोप रहता हें एवं उत्तर पद की प्रधानता रहती हें वहां तत्पुरुष समास होता हें| उदाहरण- देवपुत्र = देव का पुत्र राजकन्या- राजा की कन्या कारक विभक्तियों के अनुसार तत्पुरुष समास सात प्रकार के होते हें| कर्म तत्पुरुष समास – ग्रहागत = ग्रह को आगत, स्वर्गप्राप्त …

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अव्ययीभाव समास

अव्ययीभाव समास – जिस समास का पहला पद अव्यय हो और जो क्रिया विशेषण के रूप में प्रयुक्त हो उसे अव्ययीभाव समास कहते हें| उदाहरण- प्रतिदिन = प्रत्येक दिन = दिन-दिन प्रतिवर्ष =  प्रत्येक वर्ष = वर्ष- वर्ष यथाविधि = विधि के अनुसार रातोरात = रात ही रात आजीवन = जीवन-पर्यन्त

कर्मधारय समास

कर्मधारय समास-  जिस समास का उत्तर पद प्रधान हो और पूर्व और उत्तर पद में विशेषण और विशेष्य अथवा उपमेय और उपमान का सम्बंध स्थापित हो वह कर्मधारय समास कहलाता हें| नोट- जिस वस्तु का वर्णन हो रहा हें, उदाहरण- चरण कमल, म्रगनयन, महाजन,गुरुदेव,पकोड़ी,कुपुरुष, लालमणि, अधमरा, सदभावना, मंदबुद्धि, दही बड़ा, लाल टोपी, काला घोडा, महादेव, …

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Delhi police constable previous year paper

1 इस पुस्तिका में कुल 100 प्रश्न हें| जिसमे निम्लिखित 3 भाग शामिल हें: भाग 1 सामान्य बुद्धिमता 25 प्रश्न       भाग 2   मात्रात्मक अभिक्षमता 15 प्रश्न भाग 3 कम्प्युटर ज्ञान 10 प्रश्न       भाग 4 सामान्य जानकारी 40 प्रश्न 2 सभी प्रश्न करना अनिवार्य हें तथा सभी प्रश्नों के …

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ओडिसी शास्त्रीय नृत्य

ओडिसी – ओडिशा में प्रचलित यह नृत्य शैली प्राचीनतम हें तथा भगवान जगन्नाथ को समर्पित हें| इसके मुख्य अंग हें– नेत्र संचालन, ग्रीवा संचालन, हस्तक, मुद्राओ में पद संचालन| प्रमुख नृत्यक – कालीचरण पटनायक, इन्द्राणी रहमान, कालिचन्द, सोनल मानसिंह, माधवी मुदग्ल, सुजाता मिश्र, प्रियंवदा मोहंती, मिनाती दास, सयुंक्त पाणिग्रही, मायाधर राउत, रंजना डेनियल्स आदि|

कथकली

कथकली- यह भारत के राज्य केरल और मालाबार क्षेत्र की नृत्य शैली हें| इसमें दो प्रकार के पात्र होते हें, 1. पाचा (नायक) 2. केटी (रक्षक)  प्रमुख नृत्यक – मरणालिनी साराभाई, उदयशंकर, क्रष्ण कुट्टी, आनन्द शिवरामन, शांताराम, रामगोपाल, बल्लोल नारायण मेनन, रुकमणी देवी|

मोहिनीअट्टम

मोहिनीअट्टम – यह भारत के केरल राज्य की नृत्य शैली हें जो भगवान नए मोहिनी रुप में केरल के सागर के तट पर किया था| प्रमुख केंद- केरल प्रमुख नृत्यक – हेमामालिनी, तारा निडूगाड़ी, भारतीशिवाजी, श्रीदेवी, कलादेवी, रागिनी देवी, गीतागायक, के. कल्याणिअम्मा तंकमणि, कनकरेली|

कत्थक

कत्थक – यह उत्तर भारत का क्रष्ण द्वार किया गया प्रमुख नटवरी नृत्य हें, जिसे कथवरी नटवरी नृत्य भी कहा जाता हें| इसके दो अंग होते हें- 1. ताण्डव 2. लास्य| प्रमुख केंद – जयपुर, लखनऊ, वराणसी प्रमुख नृत्यक- लच्छू महारज, अच्छन महाराज, शम्भु महाराज, दमयंती जोशी, सितारा देवी, चन्द्रलेखा, शोभना नारायण, गोपीक्रष्ण, बिरजू महाराज, …

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भरतनाट्यम

भरतनाट्यम – दक्षिण भारत की मुख्य शास्त्रीय नृत्य शैली, जिसमें कविता, संगीत, नृत्य एवं नाटक का अद्भुत समावेश होता हें| इसका प्रमुख केंद्र मद्रास तथा तंजौर हें| इसके मुख्य केंद्र निम्न प्रकार से हें- जाति-स्वरम, शब्दम, वरणम एवं तिल्लाना| प्रमुख नृत्यक – पद्म सुब्रमण्यम, यामिनी क्रष्णमूर्ति, अरुणडेल रुकमणीदेवी, लीलाजैकसन, रामगोपाल, बैजयंती माला, कोमला वरदान आदि|