Muhavare (idioms)-मुहाबरे-Hindi Grammar

मुहबरा अरबी भाषा का शब्द है। हिन्दी में मुहबरा को वाग्धारा कहते हैं, किन्तु यह अधिक प्रचलित नही है।
जब कोई वाक्यांश अपने सामान्य अर्थ को छोड़कर विशेष अर्थ में रूढ़ हो जाता है, तो मुहबरा कहलाता है।


उदहारण : श्री गणेश करना का अर्थ है “ शुरू करना” , ईद का चांद होना, का अर्थ है बहुत दिनों बाद दिखाई देना
(A) अंग सम्बंधी मुहाबरे
 अँगूठा :
अँगूठा चूमना = खुशामद करना
अँगूठा दिखाना = देने से इनकार करना
अँगूठा नचाना = चिढ़ाना
आँसू:
आँसू पोछना = धीरज बंधाना
आँसू बहाना = खूब रोना
आँसू पी जाना = दुख को छिपा लेना
 आँख :
आँख उठाना = हानि पहुंचाने की दृष्टि से देखना
आँखे चार होना = देखा देखी होना
आँखे ठंढी होना = इच्छा पूरी होना
आँखे दिखाना = क्रोध प्रकट करना
आँखों पर बिठाना = आदर करना
आँखे फेरना = नजर बदलना
आँखे बिछाना = बेसब्री से प्रतीक्षा करना
आँख भर आना = आँसू आना
आँखों में धूल डालना = धोखा देना
आँखे लड़ना = प्रेम होना, देखा देखी होना
आँखे लाल करना = क्रोध की नजर से देखना
आँखे थकना = प्रतीक्षा में निराश होना
आँखों में चर्बी छाना = घमंडी होना
आँखों में खटकना = बुरा लगना
आँखे नीली पीली करना = नाराज होना
आँख का अंधा, गांठ का पूरा = मूर्ख धनवान
आंखों में किरकिरी होना = शत्रु होना
आँखों का प्यार या पुतली होना = बहुत प्यारा होना
आँखों का पानी ढल जाना = लज्जारहित हो जाना
आँखे सेखना = किसी की सुंदरता देख आँखे जुड़ाना
आँखे खुलना = सजग होना
आँखे आना = आँख में एक प्रकार की बीमारी होना
आँखे चुराना = सामने आने से परहेज करना
आँखे गड़ाना = दिल लगाना, इच्छा करना
आँखों में गड़ाना = अत्यंत अप्रिय होना
आँख फड़कना = सगुन उचरना
आँख मारना = इशारा करना
आँख रखना = ध्यान रखना
आँख में पानी रखना = मुरौवत रखना
उँगली :
उँगली उठना = निन्दा होना
उँगली पकड़ते पहुंचा पकड़ना = थोड़ा सा सहारा पाकर अधिक के लिए उत्साहित होना
कानों में उँगली देना = किसी बात को सुनने की चेष्टा न करना


पांचों उँगली घी में होना = सब प्रकार से लाभ ही होना
सीधी उँगली से घी न निकलना = भलमनसाहत से काम न होना
ओठ :
ओठ चाटना = स्वाद की इच्छा रखना
ओठ मलना = दण्ड देना
ओठ चबाना = क्रोध करना
ओठ सुखना = प्यास लगना
कलेजा :
कलेजे से लगाना = प्यार करना
कलेजा काँपना = डरना
कलेजा थामकर रह जाना = अफसोस कर रह जाना
कलेजा निकाल कर रख देना = अतिप्रिय वस्तु दे देना
कलेजा ठंडा होना = सन्तोष करना
कान :
कान उमेठना = शपथ लेना
कान खोलना = सावधान करना
कान देना = ध्यान देना
कान पर जूं न रेंगना = बेखबर रहना
कानों में तेल डालकर बैठ जाना = बात सुनकर भी ध्यान न देना
कान पकड़ना = प्रतीक्षा करना
कान भरना = निंदा करना
कानों कान खबर होना = बात फैलना
कान फूंकना = चेला बनाना, गुरुमंत्र देना
कान काटना = बढ़कर काम करना
कान खड़े होना = होशियार होना
खून :
खून खोलना = गुस्सा चढ़ना
खून सूखना = अधिक डर जाना
खून सवार होना = किसी को मार डालने के लिए तैयार होना
खून पीना = सताना, मार डालना
खून सफेद हो जाना = बहुत डर जाना
गाल :
गाल फूलना = रूठना
गाल बजाना = डींग मारना
काल के गाल में जाना = म्रत्यु के मुख में पड़ना
गर्दन :
गर्दन उठाना = प्रतिवाद करना
गर्दन पर सवार होना = पीछा न छोड़ना
गर्दन पर छुरी फेरना = अत्याचार करना
दाँत :
दाँत काटी रोटी = गहरी दोस्ती
दाँत खट्टे करना = पस्त करना
दाँतो तले उँगली दबाना = दंग रह जाना
तालू में दाँत जमाना = बुरे दिन आना
दाँत दिखाना = हार मानना, लाचारी प्रकट करना
दाँत जमाना = अधिकार पाने के लिए द्रढ़ता दिखाना
दाँत गड़ाना = किसी वस्तु को पाने के लिए गहरी चाह करना
दाँत गिनना = उम्र बताना
नाक :
नाक कटना = इज्जत जाना
नाक काटना = इज्जत नष्ट करना
नाक का बाल होना = प्रिय होना
नाकों चने चबवाना = खूब तंग करना
नाक पर मक्खी न बैठने देना = खरे स्वभाव का होना
नाक में दम करना = तंग करना
नाक रखना = प्रतिष्ठा रखना
नाक रगड़ना = मिन्नत करना
नाक में दम आना = तंग होना
मुँह :
मुँह खोलना = उद्दंडतापूर्वक बाते करना, बोलने का साहस होना
मुँह देखना या डालना = किसी पशु का मुंह डालना
मुँह बन्द होना = चुप होना
मुँह में पानी भर आना = ललचाना
मुँह से लार टपकना = बहुत लालची होना
मुँह काला होना = कलंक या दोष लगना
मुँह धो रखना = आशा न रखना
मुँह पर या चेहरे पर हवाई उड़ना = घबराना
मुँहफट हो जाना = निर्लज्ज होना
मुँह फुलाना = रूठ जाना
मुँह बनाना = असन्तुष्ट होना
मुँह मोड़ना = ध्यान न देना
मुँह लगाना = सिर चढ़ाना
मुँह रखना = लिहाज रखना
मुँहदेखी करना = पक्षपात करना
मुँह चुराना = संकोच करना
मुँह में लगाम न होना = जो मुँह में आवे सो कह देना
मुँह चाटना = खुशामद करना
मुँह भरना = घुस देना
मुँह लटकाना = रंज होना
मुँह आना = मुँह की बीमारी होना
मुँह की खाना = परास्त होना
मुँह सुखना = भयभीत होना
मुँह ताकना = किसी का आसरा करना
मुँह में खून लगना = बुरी चाट पड़ना, चसका लगना
मुँह फेरना = अकृपा करना
मुँह मीठा करना = प्रसन्न करना
मुँह से फूल झडना = मधुर बोलना
मुँह में घी शक्कर = किसी अच्छी भविष्यवाणी का अनुमोदन करना
मुँह से मुँह मिलना = हाँ में हाँ मिलाना
सिर :
सिर आँखों पर होना = सहर्ष स्वीकार होना
सिर उठाना = विरोध में खड़ा होना
सिर पर चढ़ना = शोख होना
सिर ऊँचा करना = आदर का पात्र होना
सिर खाना = बकवास करना
सिर चढ़ाना = गुस्ताख़ करना
सिर झुकना = आत्मसमर्पण करना
सिर पर पांव रखकर भागना = बहुत जल्द भाग जाना
सिर पड़ना = नाम लगाना
सिर खुजलाना = बहाना करना
सिर धुनना = शोक करना
सिर पर भूत सवार होना = एक ही रट लगाना
सिर फिर जाना = घमण्ड हो जाना
सिर चढ़कर बोलना = छिपाए न छिपना
सिर मारना = प्रयत्न करना
सिर पर खेलना = प्राण दे देना
सिर गंजा कर देना = मारने का भय दिखाना
सिर पर कफ़न बांधना = शहादत के लिए तैयार होना
हाथ :
हाथ आना = अधिकार में आना
हाथ खीचना = अलग होना
हाथ खुजलाना = किसी जो पीटने को जी चाहना
हाथ देना = सहायता देना
हाथ पसारना = माँगना
हाथ बंटाना = मदद करना
हाथ लगाना = आरभ करना
हाथ मलना = पछताना
हाथ गरम करना = घूस देना
हाथ चूमना = हर्ष व्यक्त करना
हाथ धोकर पीछे पड़ना = जी जान से लग जाना
हाथ पर हाथ धरे बैठना = बेकार बैठे रहना
हाथ फैलाना = याचना करना
हाथ मारना = उड़ा लेना , लाभ उठाना
हाथ साफ करना = मारना, उड़ा लेना, खूब खाना
हाथ धो बैठना = आशा खो देना
हाथापाई करना = मुठभेड़ होना
हाथ पकड़ना = किसी स्त्री को पत्नी बनाना, आश्रय देना